छत्तीसगढ़
रायपुर में फर्जी पत्रकार का पर्दाफाश, पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया
Shantanu Roy
18 Sept 2025 9:36 PM IST

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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में फर्जी पत्रकारों का नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार कई युवक पत्रकार होने का दावा कर प्रभाव जमाने, वसूली करने और ब्लैकमेलिंग में जुटे हैं। इसी कड़ी में विधानसभा थाना क्षेत्र से एक नया मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक अपने आप को पत्रकार बताकर स्वर्ण भूमि परिसर में घुसने का प्रयास कर रहा था।
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— Satya Roy (@SatyaRo01297436) September 18, 2025
सिक्योरिटी गार्ड ने पकड़ा
घटना तब सामने आई जब स्वर्ण भूमि परिसर के सिक्योरिटी इंचार्ज रोहित झा ने संदिग्ध युवक को रोका और पूछताछ की। युवक ने अपना नाम शैलेश आनंद सोजवाल बताया और खुद को पत्रकार बताया। जब उससे पत्रकार होने के सबूत मांगे गए तो वह कोई वैध पहचान पत्र या प्रेस कार्ड प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर सुरक्षा कर्मियों ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत विधानसभा थाना पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही थाना विधानसभा प्रभारी शिवेंद्र राजपूत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि युवक खुद को पत्रकार बता रहा था और कुछ युवतियों के साथ परिसर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। फिलहाल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने बताया कि युवक पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा रही है ताकि वह आगे किसी तरह की अवैध गतिविधि में शामिल न हो सके।
बढ़ता फर्जी पत्रकारिता का चलन
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में फर्जी पत्रकारों की संख्या तेजी से बढ़ी है। राजधानी रायपुर में भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां पत्रकारिता का दुरुपयोग कर दबाव बनाकर अवैध वसूली, धमकी और ब्लैकमेलिंग का काम किया जाता है। प्रशासन का मानना है कि पत्रकारिता का पेशा लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, लेकिन कुछ लोग इसे अपराध और वसूली का जरिया बना रहे हैं। ऐसे फर्जी पत्रकार अक्सर प्रेस कार्ड या नकली पहचान पत्र का सहारा लेते हैं। कई बार ये लोग डिजिटल मीडिया या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुद को पत्रकार घोषित कर प्रभाव जमाने की कोशिश करते हैं।
पत्रकार संगठनों की चिंता
इस घटना पर पत्रकार संगठनों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि फर्जी पत्रकारों के कारण असली और मेहनती पत्रकारों की छवि खराब होती है। यह पेशा ईमानदारी, निष्ठा और जिम्मेदारी का प्रतीक है, लेकिन कुछ लोग व्यक्तिगत फायदे और अपराध के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। पत्रकार संघों ने मांग की है कि प्रशासन को ऐसे मामलों पर सख्ती दिखानी चाहिए और फर्जी पत्रकारों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
पीड़ित नागरिक और ब्लैकमेलिंग का शिकार
पिछले कुछ महीनों में रायपुर और आसपास के जिलों से कई शिकायतें सामने आई हैं कि कुछ फर्जी पत्रकारों ने व्यापारियों, बिल्डरों और सरकारी कर्मचारियों को ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूली है। ये लोग किसी भी मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने या सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी देकर पीड़ितों को परेशान करते हैं। स्वर्ण भूमि परिसर में पकड़ा गया युवक भी कथित तौर पर इसी तरह की गतिविधियों में शामिल था। हालांकि पुलिस अभी इस मामले में गहन जांच कर रही है।
पुलिस की चेतावनी और अपील
थाना प्रभारी शिवेंद्र राजपूत ने स्पष्ट कहा है कि ऐसे किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, जो खुद को पत्रकार बताकर अपराध करता है। उन्होंने जनता से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पत्रकार बताकर दबाव डालता है या अवैध वसूली करता है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।पुलिस प्रशासन ने यह भी कहा है कि असली पत्रकारों की पहचान करना जरूरी है। केवल उन्हीं पत्रकारों पर भरोसा करें जो किसी मान्यता प्राप्त मीडिया संस्थान या अधिकृत प्रेस संगठन से जुड़े हों।
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